ओल्डबॉय की कहानी: बिना वजह की क़ैद और बदले की तलाश
ओह डे-सू एक आम आदमी है। उसकी ज़िंदगी में कुछ भी ख़ास नहीं, बस शराब की लत और रोज़मर्रा की उलझनें हैं। फिर एक दिन उसे अचानक एक बंद कमरे में क़ैद कर दिया जाता है। न कोई कारण बताया जाता है, न यह कि उसे किसने बंद किया। दिन महीनों में और महीने सालों में बदलते जाते हैं। उसके पास बस एक टीवी है, एक नोटबुक है और अंदर ही अंदर सुलगता ग़ुस्सा है।
पूरे पंद्रह साल बाद उसे उतनी ही रहस्यमय तरीक़े से आज़ाद कर दिया जाता है। बाहर की दुनिया बदल चुकी है, लेकिन डे-सू का एक ही मक़सद है: यह पता लगाना कि उसके साथ यह किसने किया और क्यों। फ़िल्म की टैगलाइन इसे सीधे शब्दों में कहती है: पंद्रह साल की क़ैद और बदले के पाँच दिन। इस तलाश में उसकी मुलाक़ात एक सुशी रेस्टोरेंट में काम करने वाली युवा शेफ़ मी-डो से होती है। रहस्यमय ली वू-जिन भी इसी सफ़र में उसके सामने आता है। हर सुराग़ उसे अपने ही अतीत की ओर ले जाता है, और जवाब ढूँढना जितना ज़रूरी है, उतना ही ख़तरनाक भी।

फ़िल्म रिव्यू से पहले जानें: ओल्डबॉय क्यों ख़ास है
- निर्देशक: इस कोरियाई फ़िल्म का निर्देशन पार्क चान-वुक ने किया है। उन्होंने ह्वांग जो-यून और इम जून-ह्युंग के साथ मिलकर इसकी पटकथा भी लिखी है।
- मुख्य कलाकार: चोई मिन-सिक ने ओह डे-सू की केंद्रीय भूमिका निभाई है। यू जी-ताए ली वू-जिन बने हैं और कांग ह्ये-जंग मी-डो के किरदार में हैं।
- सहायक कलाकार: किम ब्योंग-ओक (मिस्टर हान), जी डे-हान, ओह दल-सू, ली सेउंग-शिन और यून जिन-सियो भी फ़िल्म में हैं। युवा डे-सू और युवा वू-जिन की भूमिकाएँ ओह ताए-क्योंग और यू योन-सोक ने निभाई हैं।
- शैली: यह थ्रिलर और मिस्ट्री फ़िल्म है, जिसमें नियो-नॉयर अंदाज़, डार्क कॉमेडी और गहरा दार्शनिक पहलू एक साथ दिखते हैं।
- स्रोत और विरासत: कहानी एक मांगा पर आधारित है। बाद में इस फ़िल्म का रीमेक भी बना।
- निर्माण: दक्षिण कोरिया में Show East, Egg Film और Cineclick Asia के बैनर तले बनी इस फ़िल्म की भाषा कोरियाई है और अवधि लगभग 120 मिनट है।
ध्यान दें कि फ़िल्म में तीखी हिंसा, यातना के दृश्य और परिपक्व विषय हैं, इसलिए यह हर दर्शक के लिए नहीं है।
ओल्डबॉय किसे पसंद आएगी
- डार्क, तनाव भरी थ्रिलर और रहस्य सुलझाने वाली कहानियों के शौक़ीनों को
- कोरियाई सिनेमा और पार्क चान-वुक की फ़िल्मों में दिलचस्पी रखने वालों को
- बदले की कहानियाँ और नियो-नॉयर अंदाज़ पसंद करने वाले दर्शकों को
- ऐसे दर्शकों को जो किरदारों के मनोविज्ञान और नैतिक सवालों पर सोचना पसंद करते हैं
- मांगा पर आधारित फ़िल्मों और विश्व सिनेमा के प्रशंसकों को
रिलीज़ डेट और भारत में कहाँ देखें
ओल्डबॉय पहली बार 21 नवंबर 2003 को रिलीज़ हुई थी। भारत के लिए अलग से कोई स्थानीय रिलीज़ डेट घोषित नहीं की गई है, हालाँकि फ़िल्म दुनिया भर में पहले से रिलीज़ हो चुकी है।
24 अक्टूबर 2026 तक के आँकड़ों के अनुसार, भारत में आप इसे इन प्लेटफ़ॉर्म पर स्ट्रीम कर सकते हैं:
- Amazon Prime Video (स्ट्रीमिंग)
- Amazon Prime Video with Ads (स्ट्रीमिंग)
- VI movies and tv (स्ट्रीमिंग)
फ़िल्म का ट्रेलर भी उपलब्ध है। देखने से पहले उसे देखकर इसके माहौल का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
ट्रेलर
कलाकार
Choi Min-sikभूमिका Oh Dae-su
Yoo Ji-taeभूमिका Lee Woo-jin
Kang Hye-jungभूमिका Mi-do
Kim Byeong-okभूमिका Mr. Han
Ji Dae-hanभूमिका No Joo-hwan
Oh Dal-suभूमिका Park Cheol-woong
Lee Seung-shinभूमिका Yoo Hyung-ja
Yoon Jin-seoभूमिका Lee Soo-ah
फ़ोटो: TMDB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- ओल्डबॉय (Oldboy) कब रिलीज़ हुई थी?
- ओल्डबॉय पहली बार 21 नवंबर 2003 को रिलीज़ हुई थी। भारत के लिए कोई अलग स्थानीय रिलीज़ डेट घोषित नहीं की गई है, लेकिन फ़िल्म पहले से रिलीज़ हो चुकी है।
- भारत में ओल्डबॉय कहाँ देखें?
- 24 अक्टूबर 2026 तक के आँकड़ों के अनुसार भारत में यह फ़िल्म Amazon Prime Video, Amazon Prime Video with Ads और VI movies and tv पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है।
- ओल्डबॉय में मुख्य कलाकार कौन हैं?
- चोई मिन-सिक (ओह डे-सू), यू जी-ताए (ली वू-जिन) और कांग ह्ये-जंग (मी-डो) मुख्य भूमिकाओं में हैं। किम ब्योंग-ओक, जी डे-हान और ओह दल-सू भी फ़िल्म का हिस्सा हैं।
- ओल्डबॉय का निर्देशक कौन है और फ़िल्म कितनी लंबी है?
- फ़िल्म का निर्देशन पार्क चान-वुक ने किया है। इसकी अवधि लगभग 120 मिनट है और यह कोरियाई भाषा में है।
- क्या ओल्डबॉय परिवार के साथ देखने लायक़ है?
- फ़िल्म में तीखी हिंसा, यातना के दृश्य और परिपक्व विषय हैं। इसलिए यह वयस्क दर्शकों के लिए ज़्यादा उपयुक्त है।

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